Wednesday, January 13, 2021

सत्यगीत

 

सत्यगीत 


अंगुलिमाल ने देखा है | जीवन का सत्य परखा है | 

थे तैयार सब, बनने पुण्यभागि | पाप, केवल अपना है | 

दर्द, साथी सच्चा है | दुःख ही बस अपना है | 


धन  से  अन्न  पे  अधिकार  नहीं | 

अन्न सबका है | भूख अपनी है, पेट अपना है | 

दर्द, साथी सच्चा है | दुःख ही बस अपना है | 


प्रेम डगर, नगर नगर | हर तरफ, हर प्रहर | 

प्रेम वेम सब धोखा है | धोखा, केवल अपना है | 

दर्द, साथी सच्चा है | दुःख ही बस अपना है | 


समय   बेचकर   पैसे    लेता    हूँ |  

समय पैसे पे अधिकार नहीं | नींद अपनी है, चैन अपना है | 

दर्द, साथी सच्चा है | दुःख ही बस अपना है | 


मात पिता, संतान सुधा | आधा आधा, जीवन साधा | 

मेरे जीवन पे अधिकार सबका | बुढ़ापा, केवल अपना है | 

दर्द, साथी सच्चा है | दुःख ही बस अपना है | 


हँसना रोना जागना सोना | काया का माया का होना | 

अच्छी काया सब मिल भोगेंगे | रोग, केवल अपना है | 

दर्द, साथी सच्चा है | दुःख ही बस अपना है | 


बचपन यौवन और बुढ़ापा | सबने है जीवन को मापा | 

जीवन एक घटना है | मृत्यु, केवल अपना है | 

दर्द, साथी सच्चा है | दुःख ही बस अपना है |